गोरखपुर का रेल दावा अधिकरण अब डिजिटल हो गया है, जिससे पक्षकार घर बैठे वर्चुअल सुनवाई में शामिल हो सकेंगे। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन आवेदन, त्वरित निपटान और पीड़ितों को 64 हजार से 8 लाख तक की क्षतिपूर्ति सीधे खाते में सुनिश्चित करती है। रेलवे प्रशासन की तरह रेल दावा अधिकरण (आरसीटी) गोरखपुर भी लगभग पूरी तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर आ गया है। अब अधिवक्ता ही नहीं पक्षकारों को भी कोर्ट आने.