हार्वर्ड विमान के साथ सूर्यकिरण और सारंग प्रदर्शन टीमों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा. निर्धारित समय सुबह 11:40 बजे गंगा के एक छोर से विमानों का आना शुरू हुआ. काशी के आसमान में शनिवार को एक बार फिर भारतीय वायुसेना के साहस, कौशल और अदम्य पराक्रम का शानदार नजारा देखने को मिला.