बरसाना में संत रमेश बाबा के बिना पहली बार राधारानी ब्रज चौरासी कोस यात्रा शुरू हुई, जिसमें लगभग दस हजार श्रद्धालु शामिल हुए। 34 साल से बाबा के मार्गदर्शन में चल रही इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उनकी कमी महसूस की, पर आस्था का प्रवाह जारी रहा।