प्रयागराज में टोंस और बेलन नदियों का जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। घरों और खेतों में जमा सिल्ट, गंदगी, दुर्गंध और दूषित पेयजल जैसी नई समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है।