अयोध्या। घर में बने अखाड़े से शुरू हुआ कुश्ती का सफर अब पदकों तक पहुंच चुका है। आजमगढ़ की खुशबू यादव ने सीमित संसाधनों और सामाजिक रोक-टोक के बावजूद अपने सपने को नहीं छोड़ा। पिता ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि खुशबू कुश्ती में अपनी पहचान बनाने के लिए मेहनत कर रही हैं। वह पिछले तीन वर्षों से अयोध्या के डाभासेमर स्थित डॉ.