इतिहास के जानकार एडवोकेट हरिशंकर गोयल ने बताया-पूर्व अलवर रियासत में गठित ग्राम पंचायतों में पांच सदस्य होते थे. 6 Min Read अलवर: भारत में पंचायती राज व्यवस्था को आजादी के बाद ग्रामीण स्वशासन की मजबूत कड़ी के रूप में विकसित किया गया, लेकिन अलवर रियासत में इसकी शुरुआत आजादी से कई दशक पहले ही हो चुकी थी.