बिहार के कटिहार का पिंटू यादव 1995 में 8 साल की उम्र में ट्रेन में सो जाने से परिवार से बिछड़ गया था। पश्चिम बंगाल में एक मुस्लिम परिवार ने उसे पाला और नाम रखा अब्दुल जब्बार। 31 साल बाद दिल्ली में मजदूरी के दौरान सुराग मिला और वह कांटाकोष गांव लौटा। अब वह दोनों परिवारों के साथ रहना चाहता है।