झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि फर्जी कोर्ट डिक्री या मिलीभगत से आदिवासियों की जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता, क्योंकि सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर किया गया कोई भी हस्तांतरण गैरकानूनी है। यह फैसला पूर्वी सिंहभूम के देवघर मौजा से जुड़े 35 साल पुराने मामले में आया है, जिसमें अदालत ने धोखाधड़ी के मामलों में समय-सीमा के नियम को भी खारिज कर दिया।