Dainik Bhaskar. बुंदेलखंड की इस अनूठी परंपरा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में झांसी स्थित सिद्धेश्वर पीठ के महानगर धर्माचार्य आचार्य हरिओम पाठक ने विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग. संबंधित प्रशासन और स्थानीय अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं तथा नागरिकों के हित में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आधिकारिक समीक्षा और आगामी अपडेट के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट होने.