देश चलाने के लिए सरकार को धन की जरूरत होती है। सड़कें बनानी हों, अस्पतालों और स्कूलों का विकास करना हो, रक्षा तैयारियों को मजबूत करना हो या जनकल्याण की योजनाएं लागू करनी हों, हर काम के लिए वित्तीय संसाधन जरूरी हैं। लेकिन सवाल यह है कि सरकार को यह धन खर्च करने की अनुमति कौन देता है? खर्च की निगरानी कैसे होती है?