लोड हो रहा हैलोड हो रहा हैबेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएससी) की एक टीम ने हवा की गुणवत्ता को लेकर एक विश्लेषण किया है जो उन शहरों के बारे में है, जिन्हें साफ़ हवा के लिए उठाए गए कदम के लिए पुरस्कार मिले हैं. इसमें कहा गया है कि सिर्फ़ पुरस्कार मिल जाने से यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि उन शहरों के लोग साफ़ हवा में सांस ले रहे.