गोवा में दीपावली का उत्सव नरकासुर के विशालकाय पुतलों के बिना अधूरा माना जाता है। दशहरे के बाद से ही कारीगरों और स्थानीय समुदायों की ओर से लोहे के ढांचे, कागज और फाइबर की मदद से इन पुतलों को तैयार करने का काम शुरू हो जाता है। दीपावली की पूर्व संध्या पर ये पुतले सड़कों और मोहल्लों में प्रदर्शित किए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।