उत्तराखंड में प्रथम हर्बल कुंभ और द्वितीय धन्वंतरि महोत्सव का आयोजन हुआ, जहां मंत्रियों ने हर्बल खेती से राज्य की आर्थिकी मजबूत करने और पलायन रोकने पर बल दिया। पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने इसे कृषि नवाचार का केंद्र और श्री धन्वंतरि धाम को प्रकृति-विकास का संगम बताया।