गोरखपुर में बिजली निगम के दावों के बावजूद प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली नहीं काटी गई, जिससे श्रद्धालु 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आ गए। अधिकारियों की लापरवाही और समन्वय की कमी के कारण यह हादसा हुआ, जबकि पुलिस ने भी बिजली कटी होने की गलत जानकारी दी थी।