भारतीय त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। दीपावली के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व से लेकर भारतीय कला, साहित्य, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत तक, इन सभी पहलुओं पर शिक्षाविद् एवं साहित्य-संस्कृति विशेषज्ञ मालविका जोशी से एंकर अर्चना मिश्रा की विशेष बातचीत। जानिए कैसे त्योहार पीढ़ियों को जोड़ते हैं, सामाजिक सद्भाव को मजबूत करते हैं और आधुनिकता के दौर में भी हमारी सांस्कृतिक.