लखनऊ। केजीएमयू में धर्मांतरण के आरोपों की जांच के बीच परिसर से अवैध मजारें हटाने की कार्रवाई भी चर्चा में आ गई है। कुछ माह पहले विश्वविद्यालय परिसर में अतिक्रमण विरोध अभियान में कई मजारें हटाई गई थीं। सूत्रों के मुताबिक इस कार्रवाई से कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े कुछ लोग नाराज थे। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की सख्ती के चलते वे खुलकर विरोध नहीं कर सके थे। केजीएमयू प्रशासन के मुताबिक विश्वविद्यालय.