कानपुर में दीपावली के लिए 200 साल पुरानी शक्कर के खिलौने, बताशे और गट्टे बनाने की परंपरा आज भी कायम है, जिनकी मांग उत्तर प्रदेश से बिहार तक है। ये पारंपरिक मिठाइयां त्योहार की पूजा और बचपन की यादों का अहम हिस्सा हैं, जो कारीगरों द्वारा विशेष सांचों में तैयार की जाती हैं।