Bharatpur : भरतपुर. संभाग के राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी के मंदिरों में भगवान की पूजा-सेवा करने वाले पुजारी इस बार आर्थिक संकट के बीच दीपावली मनाने को मजबूर है। तीन महीने से मानदेय और भोग-प्रसादी की राशि का इंतजार कर रहे पुजारियों को दीपावली से पहले भुगतान की उम्मीद थी, लेकिन राहत देने के बजाय देवस्थान विभाग ने पांच दिवसीय दीपावली पर्व की सजावट और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च भी उनके जिम्मे डाल.