परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा रूट निर्धारण के प्रयास चालकों के विरोध और इच्छाशक्ति के अभाव में फाइलों तक ही सीमित रह गए हैं। गोरखपुर में पिछले चार साल में दस हजार ई-रिक्शा बढ़ने से शहर में जाम, दुर्घटनाएं और प्रदूषण की समस्या गंभीर ...और पढ़ें. कोर्ट ने यूं ही नहीं ई-रिक्शा के बेतहाशा बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। गोरखपुर में ही महज चार साल में करीब दस हजार ई-रिक्शा.