सूर्य में होने वाले विस्फोट और उनसे निकलने वाले प्लाज्मा का फैलाव अब वैज्ञानिकों के लिए समझना होगा और आसान! भारत के पहले सौर मिशन आदित्य एल1 के जरिए वैज्ञानिकों को कोरोनल मास इजेक्शन (CME) की संरचना और उसके विस्तार से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं। मिशन के विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (VELC) उपकरण और 3D मॉडलिंग की मदद से सौर विस्फोटों की गतिविधियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल.