डॉ. अभिलाषा भारती ने बाल विवाह, उपेक्षा और बेटे की असामयिक मौत जैसे कई आघातों को सहते हुए भी हार नहीं मानी। अपनी अदम्य इच्छाशक्ति से उन्होंने पीएचडी की और अब ट्रिपल आइटी भागलपुर में सहायक कुलसचिव के पद पर कार्यरत हैं, जो संघर्ष और सफलता की मिसाल है।