गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर सातवीं बार सड़क धंसने से NHAI और GMDA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। तीन करोड़ रुपये से अधिक खर्च के बावजूद स्थायी समाधान न होने से अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर दिया जा रहा है। गुरुग्राम-सोहना हाईवे पर सोहना चौक के नजदीक सोमवार को सातवीं बार सड़क धंसने से एनएचएआइ और जीएमडीए की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।