शिक्षा मंत्रालय ने ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) आईडी बनानी शुरू कर दी है और 25 करोड़ छात्रों की आईडी जनरेट हो चुकी है। इस आईडी के जरिए अब यह पता लगाना आसान होगा कि 10वीं की परीक्षा में बैठने वाले कितने छात्र 11वीं की पढ़ाई नहीं कर रहे हैं।