सब्ज़ी बेचने से लेकर आज शिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षण देने तक शारदा बेन की कहानी हौसले, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। कभी पढ़ाई न कर पाने का मलाल था, आज अपने हुनर से दूसरी महिलाओं को सशक्त बना रही हैं। उनका सपना साकार हुआ, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी साकार हो रहा है और आज शारदा बेन अपनी उम्मीदों से भी आगे बढ़ चुकी हैं। देखिए, कैसे एक महिला.