एनएच-9 पर लगने वाला भीषण जाम हर महीने 108.50 करोड़ रुपये का ईंधन बर्बाद कर रहा है, जिससे जनता की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। यह जाम न केवल प्रदूषण बढ़ा रहा है, बल्कि गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के अधिकारियों की उदासीनता के कारण लाखों वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।