रामकृष्णन हर हफ्ते तिरुचि कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाली जनसुनवाई में पहुंचते हैं, जहां आम लोग अपनी नागरिक समस्याओं, कल्याणकारी योजना और पेंशन जैसी शिकायतों को लेकर अधिकारियों से गुहार लगाने आते हैं. वह 1995 से अब तक 5000 से ज्यादा अर्जियां लिखकर सरकारी दफ्तरों में जमा कर चुके हैं और अपनी पेंशन व बचत से रोजाना करीब 300 रुपये अर्जियों की फोटो कॉपी कराने में खर्च करते हैं.