जूली ने कहा कि वर्ष 2023 में केंद्र सरकार ऐसा कानून लेकर आई, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के संबंध में कानूनी संरक्षण दिया गया। सवाल यह है कि चुनाव आयोग को इस तरह का संरक्षण देने की जरूरत क्यों पड़ी?