हाईकोर्ट ने बाफना अस्पताल के खिलाफ निरस्त हो चुकी कानूनी धाराओं के आधार पर आदेश जारी करने पर नगर निगम के संबंधित अधिकारी पर 1 लाख रुपये की कॉस्ट लगाई है। अदालत ने निर्देश दिया कि राशि अधिकारी की जेब से वसूल की जाए, सरकारी खजाने से नहीं।