तुलापुर में चल रही रामलीला के छठवें दिन चित्रकूट में राम और भरत के मार्मिक मिलन का मंचन किया गया। भरत ने अयोध्या लौटकर राजभार संभालने के लिए राम से करुण विनय किया। राम ने पिता के वचन का पालन करते हुए भरत को खड़ाऊं देकर विदा किए। इसके बाद राम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी की ओर प्रस्थान किए। पंचवटी में रावण द्वारा मारीच के सहयोग से सीता हरण की लीला का.