मथुरा के सुरीर गांव में एक सदियों पुरानी परंपरा के चलते महिलाएं करवाचौथ और अहोई अष्टमी का व्रत नहीं रखती हैं। यह प्रतिबंध एक सती के श्राप के कारण है, जिसके भय से आज भी ग्रामीण इस परंपरा का पालन करते हैं। भले ही देश इक्कीसवीं सदी की ओर छलांग लगा रहा है लेकिन रुढ़िवादी विचारधारा से समाज का एक वर्ग अभी भी उबर नहीं पा रहा है। यही वजह है कि.