Pollution from industries and residential areas, along with that from vehicles, has made the air in Delhi suffocating. आईआईटीएम का पूर्वानुमान, 28 अक्तूबर तक औद्योगिक स्रोतों की हिस्सेदारी 5.09% और रिहायशी स्रोतों की 5.20% होगी, दोनों सेक्टर वाहनों के बाद प्रदूषण के दूसरे बड़े स्रोतसंतोष कुमारनई दिल्ली। वाहनों के धुएं से बेशक दिल्ली की हवाएं सबसे ज्यादा खराब होती है, लेकिन प्रदूषण की कहानी सिर्फ सड़कों पर ही नहीं दौड़ रही है।