लखनऊ। शरद पूर्णिमा की रात रविवार को लखनऊ विश्वविद्यालय की वेधशाला में विद्यार्थियों ने आसमान को किताबों से नहीं, बल्कि दूरबीन से समझा। चंद्रमा और शनि के साथ सूर्य के धब्बे, सौर कणिकाएं और फिलामेंट्स को भी दूरबीन से देखने का मौका मिला। भारतीय खगोलीय परंपरा और आधुनिक तकनीक के इस संगम ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाई।ज्योतिर्विज्ञान विभाग की पंडित कल्याण दत्त शर्मा वेधशाला में उत्तर प्रदेश अमेचर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब (यूपीएएसी).