चित्रा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की ओर से रविवार को चित्रा डिग्री कॉलेज गल्ला मंडी में आयोजित काव्यांजलि में कवियों. बिहार के नवादा से आए ओंकार शर्मा कश्यप ने सुनाया, राष्ट्रहित में युद्धक होना वर है ये अभिशाप नहीं है, राष्ट्रद्रोही और गद्दारों का शीश काटना पाप नहीं है। कानपुर की आभा द्विवेदी ने अपनी रचना, जो सुकून दे सबको, वो किरदार होना चाहिए, आदमी को दोस्तों, दिलदार होना चाहिए सुनाई। प्रयागराज के.