दिल्ली सरकार ने 48 गांवों को शहरीकृत श्रेणी में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिससे इन गांवों में सड़क, सीवर और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। हालांकि, पहले शहरीकृत हुए गांवों में सुविधाओं की बदहाली को देखते हुए इस फैसले के क्रियान्वयन पर सवाल भी उठ रहे हैं।